Wednesday, June 16, 2010

समीक्षा

मेरे काव्य संग्रह '' धूप से रूठी चाँदनी'' पर  डॉ. मधु संधु द्वारा 

की गई समीक्षा पढ़ें... 

लिंक है----
 

http://rachanakar.blogspot.com/2010/06/blog-post_10.html

3 comments:

pankaj mishra said...

bahoot khoob. kya kahne.

indli said...

नमस्ते,

आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

indli said...

नमस्ते,

आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।